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यूपी डेस्क: एआईएमआईएम के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने सोमवार को मेरठ में आयोजित एक ईद मिलन समारोह के दौरान 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया. उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि यदि प्रदेश की जनता उन्हें 111 नहीं, बल्कि केवल 11 विधायक जिताकर दे देती है, तो वह राज्य में किसी भी मुसलमान का एनकाउंटर नहीं होने देंगे. शौकत अली ने मंच से खुलेआम वादा किया कि यदि इसके बाद किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर किया जाएगा. उनके इस बयान ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. शौकत अली ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने जिन्हें 111 विधायक जिताकर दिए, वे आज खामोश बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इल्जाम की बुनियाद पर घरों पर बुलडोजर चलाए गए और गोलियां मारी गई, लेकिन वोट लेने वाले नेता ‘सरकार नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं. शौकत ने लोगों से कहा कि वे घर-घर जाकर बताएं कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है.
उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे एक साल के लिए ‘जमात’ में जाने का संकल्प लेकर घर से निकलें ताकि लखनऊ तक अपनी आवाज पहुंचा सकें. भाषण के दौरान उन्होंने मस्जिदों और मदरसों की हिफाजत के लिए “एक डंडा, एक झंडा और एक नेता” के नारे के तहत संगठित होने पर जोर दिया. शौकत अली ने क्षेत्रीय भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास केवल गोरखपुर और सैफई तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने संकल्प जताया कि अगर विकास की बात आएगी, तो मेरठ में भी विकास सुनिश्चित कराया जाएगा और इसके लिए वे पूरी मजबूती से आवाज उठाएंगे. उन्होंने समर्थकों को एकजुट होकर विधानसभा तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया. समारोह के दौरान शौकत अली के तीखे बोलों ने आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की मंशा साफ कर दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज का यह कार्यक्रम महज एक मिलन समारोह नहीं, बल्कि सत्ता संघर्ष का आगाज है. मेरठ में हुए इस शक्ति प्रदर्शन से एआईएमआईएम ने मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है, जिससे आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति और गर्मा सकती है.