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यूपी डेस्क : लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि पूरे अग्निकांड में लापवाही की बातें सामने आने से सीएम योगी बेहद नाराज हैं, उन्होंने हादसे को लेकर सोमवार को एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी, जिसमें उन्होंने अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यी विशेष जांच दल के गठन का निर्देश दिया. शुरुआती जांच के आधार पर लखनऊ पुलिस ने इस मामले में 6 एफआईआर दर्ज की और बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही अब तक चार अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि अलीगंज योजना के सेक्टर स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी का कुल क्षेत्रकुल 1992 वर्गफुट है और इसके लिए 20 अगस्त, 2014 को आवासीय नाक्शा स्वीकृत किया गया था. हालांकि, 2016 में लखनऊ विकास प्रधिकरण ने इमारत को अवैध निर्माण को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था और मामले की सुनवाई के बाद 10 मई 2016 को बिल्डिंग को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया था. हालांकि, मालिकों के कोर्ट में आपत्ति के बाद जुलाई में ध्वस्तीकरण के आदेश को निरस्त कर दिया गया था.