Fourth Pillar Live
नई दिल्ली डेस्क : आमतौर पर शांत, संयमित और कम बोलने वाली समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का जंतर-मंतर पर एक बिल्कुल अलग चेहरा देखने को मिला। एक मां के रूप में घायल छात्रों को पानी पिलाने से लेकर उनकी चोट पर मरहम पट्टी करती दिखी। सिर्फ यहीं चेहरे नजर नहीं आई, बल्कि एक नेता के तौर पर पुलिस बैरिकेंडिग के सामने खड़ी होकर छात्रों के लिए संघर्ष करती भी नजर आई। डिंपल यादव का यह स्वरूप उनके राजनीति कैरियर में पहली बार देखा गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का यह रूप देखने के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवाटी पार्टी का महिला चेहरा उभरकर सामने आ गया है। जब से नीट पेपर लीक का मामला सामने आया, डिंपल यादव लगातार सरकार को घेरती आ रही है। पिछले दिनों जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक भूख हडताल पर थे तो डिंपल यादव ने सपा संासदों के साथ उनसे मुलाकात कर समर्थन देने की घोषणा की थी।
सोमवार को जब कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में संसद तक मार्च निकाला गया तो डिंपल यादव ने भी सपा सांसदों के साथ संसद से जंतर मंतर तक मार्च किया। इस आंदोलन ने कई नेताओं के तेवर बदल दिए। इनमें डिंपल यादव भी शामिल है। बैरिकेडिंग के सामने पुलिस से तीखी बहस, प्रदर्शनकारियों के बीच डटी मौजूदगी, घायल छात्र की मदद और फिर हिरासत… सोमवार का पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया। सोमवार को डिंपल यादव के कई वीडियो वायरल हुए। इनमें एक वीडियो में डिंपल यादव एक घायल छात्र के पास बैठी नजर आती हैं। वीडियो में वह छात्र की शर्ट के बटन खोलती हैं ताकि उसे सांस लेने में दिक्कत न हो और आसपास मौजूद लोगों से तत्काल मदद करने की अपील करती दिखाई देती हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद समर्थक इसे डिंपल यादव का मानवीय चेहरा बता रहे हैं।
नीट से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी सांसद संसद से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। सपा सांसद डिंपल यादव भी अपने पार्टी के अन्य सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान डिंपल यादव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शन के बाद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस कार्रवाई पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिवस के रूप में याद किया जाएगा। डिंपल यादव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए। कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। डिंपल यादव ने दावा किया कि कुछ छात्राओं के कपड़े तक फट गए। डिंपल यादव ने नीट पेपर्स लीक होने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. उनका कहना था कि देश संविधान से चलेगा, किसी विचारधारा से नहीं।
डिंपल यादव आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र अपनी बात रखने शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचे थे। वह उन सभी छात्रों को सलाम करती हैं जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सुनाई दी। सपा के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता सिविल अस्पताल के पास एकत्र हुए और हजरतगंज चौराहे तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई का विरोध किया। आइए जानते है सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कहां से ताल्लुकात रखती है और उनका पॉलिटिकल सफर कैसा रहा। डिंपल यादव… एक ऐसा नाम जो राजनीति और परिवार दोनों ही क्षेत्रों में अपनी सादगी और संजीदगी के लिए जाना जाता है। डिंपल यादव का रिश्ता उत्तराखंड की मिट्टी से भी जुड़ा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि डिंपल मूल रूप से उत्तराखंड के एक गांव से ताल्लुक रखती हैं और एक फौजी परिवार से आती हैं। डिंपल यादव का जन्म साल 1978 में महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था। उनके पिता सेवानिवृत्त कर्नल आर.एस. रावत भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। डिंपल का पैतृक गांव उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। डिंपल यादव काशीपुर से आती हैं। डिंपल की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में ही हुई। उन्होंने आर्मी स्कूल, लखनऊ से 1993 में हाई स्कूल और 1995 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। डिंपल की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में ही हुई। उन्होंने आर्मी स्कूल, लखनऊ से 1993 में हाई स्कूल और 1995 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से 1998 में बी. कॉम की डिग्री हासिल की। उनका शैक्षणिक सफर भले ही सादा रहा हो, लेकिन उन्होंने हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता दी। डिंपल यादव की राजनीतिक पारी की शुरुआत 2009 के उपचुनाव से हुई थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस नेता राज बब्बर से हुआ और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हार को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और राजनीति में डटी रहीं। साल 2012 में जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने अपनी लोकसभा सीट कन्नौज से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उपचुनाव में डिंपल यादव को पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया और उन्होंने निर्विरोध जीत हासिल की। यह जीत डिंपल की राजनीतिक छवि को मजबूत करने वाली थी।