Fourth Pillar Live
नई दिल्ली डेस्क: दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बुधवार को एक बार फिर खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गई. राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 392 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. यह लगातार छठा दिन है जब दिल्ली की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार को AQI 374 और सोमवार को 351 रिकॉर्ड किया गया था. पूर्वानुमान और अधिक चिंताजनक है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा और बिगड़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, AQI के ‘गंभीर’ स्तर में फिसलने की आशंका है और अगले छह दिनों तक हवा ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में रह सकती है.
दिल्ली के कई क्षेत्रों में हालात और भी बदतर रहे. बुधवार सुबह 40 निगरानी स्टेशनों में से 18 स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. इनमें चांदनी चौक, DTU, भलस्वा, आनंद विहार, मुण्डका, नरेला और वज़ीरपुर जैसे इलाकों के नाम शामिल हैं. हालांकि, शाम की रीडिंग Sameer ऐप पर अपडेट नहीं हो पाई, जबकि सुबह सभी स्टेशन डेटा दिखा रहे थे. प्रदूषण के कारणों की बात करें तो वाहनों और पराली का योगदान प्रमुख रहा. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटोरोलॉजी (IITM), पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में बुधवार को वाहनों का योगदान 18% और पराली का 3.8% था. गुरुवार के लिए यह क्रमशः 16.1% और 2% रहने का अनुमान है. इसी दौरान सैटेलाइट डेटा में पंजाब में 15, हरियाणा में 6 और उत्तर प्रदेश में 377 पराली आग की घटनाएं दर्ज की गई.
मौसम के मोर्चे पर भी हल्का बदलाव देखने को मिला. दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है. अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक है. गुरुवार के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है. वायु गुणवत्ता के लगातार बिगड़ते स्तर को देखते हुए CAQM ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की है. आयोग ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को पत्र लिखकर नवंबर-दिसंबर में होने वाली फिजिकल स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं को स्थगित करने की सलाह दी है. आयोग ने कहा कि खराब हवा बच्चों और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है. CAQM ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतियोगिताएं स्थगित होने से छात्रों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए. इसके लिए राज्य सरकारों को कार्यक्रमों को पुनः शेड्यूल करने या बाद में वैकल्पिक अवसर देने की सलाह दी गई है. आयोग का मानना है कि यह कदम छात्रों को प्रदूषण के खतरों से बचाने के लिए आवश्यक है.