Fourth Pillar Live
नई दिल्ली डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या को लेकर इंडिया गेट के पास हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुई झड़प और बाद में संसद मार्ग थाने के बाहर हंगामे के मामले में दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार को 9 प्रदर्शनकारियों को जमानत दे दी. कोर्ट ने इन 9 लोगों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. कुछ आरोपी अब भी जेल में रहेंगे क्योंकि उन पर पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे (मिर्ची स्प्रे) छिड़कने का अलग से मामला दर्ज है. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ बिना अनुमति धरना दिया बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और कुछ ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल भी किया. इससे पहले 27 नवंबर को कोर्ट ने चार आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था और बाकी 13 को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारी वायु प्रदूषण के खिलाफ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर इंडिया गेट पर एकत्र हुए थे, लेकिन अनुमति सिर्फ जंतर-मंतर तक की थी. जब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया. इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंच गए और वहां भी हंगामा किया. बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे और हिंसा में शामिल नहीं थे. कोर्ट ने भी जमानत देते वक्त माना कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आता. हालांकि मिर्ची स्प्रे वाले मामले में अभी सुनवाई बाकी है. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सल कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए थे, जो 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या के लिए जिम्मेदार था. कुछ प्रदर्शनकारियों ने 9 नवंबर को मान सिंह रोड को जाम कर दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी.