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यूपी डेस्क: यूपी एसटीएफ ने फेन्सिडिल (Phensedyl) कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामले में अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार किया है. सहारनपुर से पकड़े गए विभोर राणा के सिंडिकेट से जुड़े अमित टाटा के तार अब पूर्वांचल के बाहुबली से जुड़ रहे हैं. इस बड़े सिंडिकेट के 100 करोड़ से अधिक के माल की सप्लाई उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों और बांग्लादेश तक हो रही थी. आपको बता दें कि गुरुवार को अमित सिंह टाटा नाम के एक आरोपी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. फेन्सिडिल (Phensedyl) कफ सिरप की तस्करी के मामले में यह गिरफ्तारी हुई है. कल रात से एसटीएफ की टीम अमित सिंह टाटा से पूछताछ कर रही थी. लंबी पूछताछ के बाद एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया. लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने से गिरफ्तार कर उसे जेल भेजा गया है. सहारनपुर से गिरफ्तार विभोर राणा के सिंडिकेट कनेक्शन में अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी हुई है. मामले में आरोपी शुभम जायसवाल ने ही अमित सिंह टाटा के लिए वाराणसी और धनबाद में फर्जी फर्म बनवाई थी.
शुभम जायसवाल ने अमित सिंह टाटा के लिए वाराणसी में श्री मेडिकल और धनबाद में देव कृपा मेडिकल के नाम से फर्म बनवाई थी. इसी फर्म के जरिए शुभम जायसवाल और विभोर राणा के साथ अमित सिंह टाटा नशीले कफ सिरप की तस्करी का धंधा कर रहा था. बीते 11 नवंबर को एसटीएफ ने सहारनपुर से विभोर राणा, उसके भाई विशाल सिंह राणा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया थ. विभोर राणा के जरिए ही शुभम जायसवाल की शैली ट्रेडर्स को 100 करोड़ से अधिक की फेन्सिडिल कफ सिरप का माल मिला था. इस सिंडिकेट द्वारा फेन्सिडिल कफ सिरप की सप्लाई उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक की जा रही थी. अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के बाद कफ सिरप तस्करी के तार अब पूर्वांचल के बाहुबली से भी जुड़े हैं. एसटीएफ के साथ-साथ ईडी (ED) भी इस माफिया कनेक्शन की जांच कर रही है.