नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत मामले में दूसरी FIR में 5 लोगों के नाम

Fourth Pillar Live

एनसीआर डेस्क: नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने अब दूसरा मुकदमा दर्ज किया है. यह मुकदमा नॉलेज पार्क थाना पुलिस द्वारा जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कराया गया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि सेक्टर-150 स्थित एक भूखंड में जलभराव और खुला गहरा खड्डा इस हादसे का प्रमुख कारण बना. पुलिस के अनुसार, जिस भूखंड में हादसा हुआ वह सड़क के बेहद करीब स्थित था. यहां लंबा-चौड़ा और गहरा जलमग्न गड्डा बना हुआ था, जिसमें वर्षों से प्रदूषित पानी भरा था. इसके बावजूद वहां न तो कोई बाड़ लगाई गई थी और न ही चेतावनी संकेत या अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी.
स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि गड्ढे में भरे प्रदूषित पानी से तेज दुर्गंध फैल रही थी और आसपास की हवा भी दूषित हो चुकी थी. लोगों का कहना है कि बदबू और प्रदूषित हवा के कारण सांस लेने में तकलीफ होती थी, लेकिन इस ओर लंबे समय तक कोई ध्यान नहीं दिया गया. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड पहले लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नाम था, जिसे बाद में विजटाउन के नाम ट्रांसफर किया गया. हालांकि, अब भी लोटस ग्रीन की लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की बात सामने आई है. इस मामले में पुलिस ने अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल बोहरा और निर्मल कुमार को नामजद आरोपी बनाया है. इनके खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, जल प्रदूषण अधिनियम 1974 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक उपद्रव और मानव जीवन को खतरे में डालने से जुड़ा है. एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *