ईरानी युद्धपोत पर हुए हमले पर अखिलेश का सरकार पर तंज

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तंज कसा है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर ‘क्लियर स्टैंड’ लेने को कहा है. अखिलेश ने सवाल पूछा कि आखिर हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबोए जाने पर चुप्पी क्यों साध रखी गई है. बकौल सपा मुखिया- ‘अमेरिकी-इजराइली हमलों का हमारी सरहदों के करीब, हिंद महासागर तक पहुंचना, देशवासियों के लिए चिंता का विषय है और इन अर्थों में बेहद चिंतनीय भी कि इस गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है. स्पष्ट किया जाए कि इसे ‘चुप्पी’ माना जाए या किसी विशेष भय के कारण इसे ‘घिग्घी बंधना’ माना जाए. बीजेपी सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ किसी ने सिल दिये हैं. जनता पूछ रही है कि आपका कौन सा पत्ता दबा है?’

अखिलेश यादव ने लिखा- ‘एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा होने के नाते ये देश की सरकार, विदेश मंत्रालय डिफेंस मिनिस्टरी का संयुक्त दायित्व बनता है कि उसे अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, परंतु कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी सरकार द्वारा मुंह न खोलने पर, इस वैश्विक मुद्दे पर विपक्ष को मजबूर होकर बोलना पड़ रहा है. इस संकटकाल में सरकार आगे आए और देश की जल, थल, वायु सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित करे. जो बीजेपी सरकार कुछ कह भी नहीं रही है; वो करेगी क्या, ये सोचकर देशवासी परेशान हैं. बीजेपी ने जनता का विश्वास खो दिया है. ऐसा लग रहा है कि देश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है.’

उन्होंने आगे लिखा कि बीजेपी सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अस्पष्ट नीति अपनाने का तरीका ढूंढ रही है, जिससे लोग अटकलों में ही उलझे रहें. भाजपाई आगामी संसद सत्र में भी ऐसा कोई विवादास्पद विषय जरूर उठाएंगे, जिससे भाजपा सरकार की विफलताओं पर बात ही न हो सके. देश के लिए ये समय ‘सरकार-शून्यता’ का काल है. गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब भारत के समुद्री क्षेत्र (हिंद महासागर) तक पहुंच गया है. श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने की घटना ने देश में राजनीतिक बखेड़ा खड़ा कर दिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए प्रधानमंत्री की कथित ‘चुप्पी’ पर तीखे सवाल उठाए हैं.

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