Fourth Pillar Live
- पीएम व गृहमंत्री से मुलाकात के नाम ठगी में फंसा गजगोबर सिंह
- पुराने आवास, फ्लैट समेत कई ठिकानोंपर ईडी की रेड
- अंतर्राष्ट्रीयलेनदेन व करोड़ो रुपए के वित्तीय अनियमितता के मामले में छापे से मचा हडकंप
- निजी खर्चे पर पीएम कवरेज बना गज गोबर सिंह का नया धंधा
- विदेश जाने के नाम पर मंत्रियों/नेताओं और अधिकारियों से ऐंठता है करोड़ों रुपए
- भारत में एपस्टीन फ़ाइल का निर्माता निर्देशक बनना चाहता है गजगोबर सिंह
नई दिल्ली डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेता व मंत्रियों से मुलाकात कराने के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलने के मामले में गजगोबर सिंह पर शिकंजा कसने लगा है। ताजा जानकारी के मुताबिक गज गोबर सिंह के लखनऊ स्थित आवास, जागरण चौराहे के पास स्थित फ्लैट समेत कई ठिकानों पर नई दिल्ली की (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट) यानी ईडी की टीम में छापा मारा है। इस छापे से गज गोबरसिंह और उसका काला कारोबार पूरी तरह से हिल गया है। बताया जाता है कि अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन व करोड़ों रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने यह छापेमारी की है। छापेमारी में क्या कुछ बरामद हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन गज गोबर सिंह के यहां शुक्रवार सुबह तड़के पड़े छापे में कई अहम दस्तावेज ईडी की टीम ने जब्त किए हैं। सूत्रों के मुताबिक गज गोबर सिंह के ठिकाने से ईडी की टीम ने करोड़ों रुपए की बेनामी प्रॉपर्टियों के कागजात बरामद किए हैं। साथ ही ईडी ने कई फर्मों की मोहरें, स्टाम्प व डिजिटल सिग्नेचर के साथ कई देशों के सिम भी बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि गज गोबर सिंह हाल ही में इजरायल दौरे पर पीएम मोदी की कवरेज के बहाने कई व्यापारियों से करोड़ों रुपए वसूले थे जिसकी भनक प्रधानमंत्री कार्यालय को लग गई थी। तभी से इस पर नजर रखी जा रही थी।
बताया यह भी जा रहा है कि छापेमारी इस दिशा में उठाया गया पहला कदम है। आने वाले समय में गज गोबर सिंह की मुश्किलें और बढ़ेंगी, उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है, जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके. इस पूरे मामले में गज गोबर सिंह लखनऊ और दिल्ली के ठिकानों को छोड़कर फरार है और उसकी महिला मित्र का नंबर भी स्विच ऑफ है। सत्ता और सियासत में तवायफ के चूल्हे की रोटी खाने वाला गज गोबर सिंह इन दिनों नए-नए हथकंडे अपना रहा है। उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में इसका भंडाफोड़ होने के बाद गज गोबर सिंह अब विदेश कवरेज के नाम पर ठगी करने का कार्य कर रहा है जिसका पीएमओ का एक अधिकारी भी शामिल है। ताजा घटनाक्रमों पर नज़र डाले तो गज गोबर सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों से ठीक पहले अपने निजी खर्चे पर अपनी महिला मित्र के साथ न सिर्फ विदेश घूमता है बल्कि प्रधानमंत्री के कवरेज के नाम पर भारतीय जनता पार्टी व केंद्र सरकार के साथ-साथ जो बिजनेसमैन टाइप के लोग हैं उनसे करोड़ों रुपए भी ऐंठता है। जबकि हकीकत यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कवरेज में ना तो गज गोबर सिंह का कोई योगदान रहता है और न ही किसी तरह के उसके चैनल का। हाल ही में इजरायल गया गज़गोबर सिंह ने ( एक ब्लैमेलर जो पूर्व में जेल जा चुका है ) की वेबसाइट के संस्थापक के जरिए अपना खूब पेड प्रचार-प्रसार करवाया। ताकि दुनिया भर में संदेश जाए कि सप्लाई किंग गज गोबर सिंह एक बड़ा पत्रकार है। गज गोबर सिंह की चाल से न सिर्फ देश की छवि धूमिल हो रही है बल्कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर की बड़ा सवाल बनता जा रहा। अभी तक उत्तर प्रदेश की पूर्व सरकार और अपने तमाम लोगों को विभिन्न प्रकार की महिलाओं को पेश करके दलाली करने का कार्य करता था। अब उसने विदेश में कवरेज के नाम पर नया धंधा बना लिया है।
गज गोबर सिंह जानता है कि यूपी और देश के भीतर अब उसकी दाल गलने वाली नहीं है। लिहाजा तमाम बड़े अधिकारी और व्यापारियों को लड़की सप्लाई करके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीडिया कवरेज के जरिए लाभ लेने की जुगत में लगा हुआ है। अधिकारियों और व्यापारियों के काम करवाने का दांव खेलने वाले गज गोबर सिंह को यह भी पता है कि उसकी यह चाल कामयाब नहीं होगी क्योंकि प्रधानमंत्री की टीम न तो इसे इर्द-गिर्द भटकने देती है और न ही किसी भी तरह की वह चैनल पर कवरेज करता है। क्या यह बताना काफी है कि पत्रकार के तौर पर अगर कोई व्यक्ति कवरेज करता है तो उसके अखबार चैनल वेबसाइट में कुछ दिखता/छपता तो होगा ही, लेकिन गज गोबर सिंह सिर्फ स्वयं का PR करता है और महिला सप्लाई के जरिए खुद को बड़ा संपादक होने का दावा कर कवरेज करने के लिए अपने निजी खर्च से वह विदेश घूमता है। अब गज गोबर सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कवरेज के नाम पर दुनिया को बरगला रहा है, ताकि देश और प्रदेश में उसकी साख वापस लौट सके। अभी तक उत्तर प्रदेश में तमाम मंत्री व पूर्व की सपा सरकार में चाचा का करीबी बनकर नोएडा, लखनऊ, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में करोड़ों रुपए के वारे-न्यारे करता था लेकिन अब धीरे-धीरे भाजपा की सरकार ने उसका धंधा चौपट कर दिया। भले ही दुनिया की नज़रों में गज गोबर सिंह मीडिया कवरेज के बहाने विदेश जा रहा हो लेकिन क्या कभी किसी ने गज गोबर सिंह के कवरेज की कोई झलकियां अखबार टीवी या अन्य माध्यमों से देखी? नहीं बिल्कुल नहीं, क्योंकि गज गोबर सिंह का पत्रकारिता से किसी भी तरह का कोई सरोकार नहीं सिर्फ और सिर्फ वह लड़की सप्लाई और दूसरों को एड्स जैसी महामारी फैलाने का आदी बन चुका है। उसकी दाल गलने वाली नहीं, लिहाजा तमाम बड़े अधिकारी और व्यापारियों को लड़की सप्लाई करके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीडिया कवरेज के जरिए लाभ लेने की जुगत में लगा हुआ है.
अधिकारियों और व्यापारियों के काम करवाने का दांव खेलने वाले गज गोबर सिंह को यह भी पता है कि उसकी यह चाल कामयाब नहीं होगी. क्योंकि प्रधानमंत्री की टीम न तो इसे इर्द-गिर्द भटकने देती है और ना ही किसी भी तरह की वह चैनल पर कवरेज करता है. क्या यह बताना काफी है कि पत्रकार के तौर पर अगर कोई व्यक्ति कवरेज करता है तो उसके अखबार चैनल वेबसाइट में कुछ दिखता/छपता तो होगा ही. लेकिन गज गोबर सिंह सिर्फ स्वयं का PR करता है और महिला सप्लाई के जरिए खुद को बड़ा संपादक होने का दावा कर कवरेज करने के लिए अपनी निजी खर्च से वह विदेश घूमता है. गज गोबर सिंह और उसकी वैश्या महिला मित्र को यह भी पता है कि उसका चैनल साधना न्यूज़ अब हर गली, हर मोहल्ले में बदनाम और कुख्यात हो चुका है. जिससे ना तो चैनल की कोई इज्जत बची है और ना ही किसी तरह की आर्थिक स्थिति अच्छी रही. अब गज गोबर सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कवरेज के नाम पर दुनिया को बरगला रहा है, ताकि देश और प्रदेश में उसकी साख वापस लौट सके. जबकि हकीकत क्या है यह सब को मालूम है. गज गोबर सिंह के काले कारनामे को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय व एसपीजी को भी समझना होगा क्योंकि ऐसे व्यक्ति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न सिर्फ सुरक्षा पर सवालिया निशान है बल्कि उनकी साख को भी खतरा है. अभी तक उत्तर प्रदेश में तमाम मंत्री व पूर्व की सपा सरकार में चाचा का करीबी बनकर नोएडा, लखनऊ व् दिल्ली सहित अन्य राज्यों में करोड़ों रुपए के वारे – न्यारे करता था.
लेकिन अब धीरे-धीरे भाजपा की सरकार ने उसका धंधा चौपट कर दिया, लकड़ी सप्लाई का यह महापुरुष अब नए-नए धंधे और नए-नए हथकंडे अपना कर अधिकारियों और व्यापारियों को रिझाने की कोशिश में लगा हुआ है. गज गोबर सिंह को बखूबी पता है कि अपनी दुकान चलानी है तो इसी तरह का ढिंढोरा पीटना होगा, लेकिन उसका यह दांव उल्टा पड़ चुका है. खुद की पत्नी को छोड़कर दूसरी महिलाओं और लड़कियों को मीडिया में लाकर उनसे वेश्यावृत्ति करवाने वाला गजब गोबर सिंह अब अपनी हर चाल में फेल होता जा रहा है. भले ही दुनिया की नज़रों में गज गोबर सिंह मीडिया कवरेज के बहाने विदेश जा रहा हो लेकिन क्या कभी किसी ने गज गोबर सिंह के कवरेज की कोई झलकियां अखबार टीवी या अन्य माध्यमों से देखी? नहीं बिल्कुल नहीं, क्योंकि गज गोबर सिंह का मीडिया से किसी भी तरह का कोई सरोकार नहीं सिर्फ और सिर्फ वह लड़की सप्लाई और दूसरों को एड्स जैसी महामारी फैलाने का आदी बन चुका है. जिस तरीके से एक नर पिशाच को खून की लत लग चुकी होती है उसी तरीके से यह पत्रकारिता के नाम का गंदा कीड़ा अब मीडिया जैसे चौथे स्तंभ के लिए बवासीर बनता जा रहा है.