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यूपी डेस्क : अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में SIT ने शुरुआती जांच रिपोर्ट गृह सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है. विजय विश्वास पंत, आयुक्त लखनऊ मंडल ने दोनों सदस्यों के साथ अयोध्या प्रकरण की कथित दान चोरी की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी. जांच की कार्यवाही अभी जारी है. अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने इस रिपोर्ट को गोपनीय बताया. गृह सचिव को रिपोर्ट सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘ये शासन की बनाई गई तीन सदस्यीय SIT कमिटी की रिपोर्ट है, जो अपर गृह सचिव को सौंपी गई.’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये एक प्रारंभिक प्रतिवेदन है और इसे हमने सौंप दिया है. ये गोपनीय जांच है और इस समय पर इस बारे में हम ज्यादा नहीं बता सकते. हमारी जो भी जांच थी, हमने उपलब्ध करा दी है.’ इससे पहले जानकारी मिली थी कि राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की चोरी के मामले में एसआईटी को हर स्तर पर घोर लापरवाही का पता चला. राम मंदिर ट्रस्ट की रकम में बैंकिंग का काम देख रही एसबीआई का ही नोट छटवाने, गड्डी बनवाने और गिनवाने का काम था. SIT को पता चला था कि SBI ने वाराणसी की निजी सिक्योरिटी एजेंसी को ठेका दिया था. एजेंसी ने अयोध्या के ही लड़कों को नौकरी दे दी. निजी सिक्योरिटी एजेंसी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगो की सिफारिश पर अयोध्या के ही लड़कों को नोट गिनवाने के काम पर रख दिया था. कमेटी की जांच में खुलासा हुआ था कि ड्यूटी के बाद घर जाते समय कर्मचारियों की जांच में लापरवाही बरती जा रही थी. कौन क्या लेकर आ रहा क्या लेकर जा रहा, कोई जांच नहीं होती थी. घरेलू कपड़ों में ही कर्मचारी राम मंदिर ट्रस्ट के कमरे में बैठकर नोट गिनने लगते थे. यहां तक कि सीसीटीवी कैमरा की फुटेज देखने में भी लापरवाही की गई थी.