पूर्व ARTO के घर से 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी और ₹1.62 करोड़ कैश बरामद

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने पूर्व सरकारी अधिकारी के घर पर कुबेर के खजाने का भंडाफोड़ किया है. आगरा में तैनात रहे पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर की गई छापेमारी में लगभग 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करीब 35 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं. विजिलेंस के अनुसार, यह कार्रवाई अदालत से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद मंगलवार और बुधवार को पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज, चंद्रलोक कॉलोनी स्थित आवास पर की गई. ललित कुमार के खिलाफ पहले से ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था. राज्य सरकार के निर्देशों पर विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर द्वारा इस मामले की गहन जांच की जा रही थी. पूर्व ARTO के घर से क्या-क्या मिला?

  • घर के अलग-अलग हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखा गया 1.62 करोड़ रुपये कैश
  • 13 किलो सोना (बिस्कुट, ईटों और आभूषणों के रूप में वैल्यू लगभग 20 करोड़ रुपये)
  • 9 किलो चांदी (ईटों, सिक्कों और गहनों के रूप में)
  • 13 करोड़ रुपये कीमत के (लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली में जमीन/प्लॉट और नोएडा में फ्लैट)
  • 1 करोड़ रुपये से अधिक बैंक जमा, डाकघर योजनाएं, म्यूचुअल फंड और एफडी
  • टोयोटा इनोवा और हुंडई i20 कारें और एक रिवॉल्वर

विजिलेंस ने जब ललित कुमार के आलीशान मकान की तलाशी ली, तो वे भी हैरान रह गए. घर के तमाम हिस्सों और गुप्त स्थानों पर छुपाकर रखे गए पैकेटों से कुल 1.62 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके साथ ही सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता को बुलाकर जब जब्त किए गए सोने और चांदी का मूल्यांकन कराया गया, तो सिर्फ कीमती धातुओं और आभूषणों की कीमत ही करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई. छापेमारी के दौरान अचल संपत्तियों के जो दस्तावेज हाथ लगे हैं, वे ललित कुमार के व्यापक निवेश साम्राज्य की गवाही दे रहे हैं. इनमें लखनऊ के पॉश इलाकों में कई आवासीय मकान और प्लॉट्स, लखनऊ के साथ-साथ बाराबंकी और रायबरेली जिलों में कृषि भूमि के दस्तावेज, और लखनऊ व नोएडा में कई महंगे फ्लैट्स की बुकिंग से जुड़े कागजात शामिल हैं. इन संपत्तियों की सरकारी और बाजार कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा, विजिलेंस टीम ने घर में मौजूद महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक व घरेलू सामानों की एक लिस्ट भी तैयार की है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा. उत्तर प्रदेश विजिलेंस के महानिदेशक (DG) और पुलिस महानिदेशक ने इस बेहद सफल और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की पूरी विजिलेंस टीम की पीठ थपथपाई है. उन्होंने टीम के बेहतरीन तालमेल और मुस्तैदी की सराहना करते हुए 1 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है. विजिलेंस के अनुसार, बरामद किए गए सभी दस्तावेजों और बेनामी संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसके बाद आरोपी पूर्व अधिकारी के खिलाफ कोर्ट में सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

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