चंदा चोरी पर सपा के हंगामे से आहत स्पीकर करेंगे आत्ममंथन

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है. राम मंदिर के चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सपा विधानसभा में चर्चा चाहती है, जिसके लिए तीन दिनों से सड़क से सदन तक हंगामा कर रही है. बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू होते ही विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना काफी अहत दिखे और अपने सियासी जीवन को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया रह सकें. यूपी विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सतीश महाना ने मंगलवार को सदन में हुए हंगामे पर अपनी बात रखते हुए काफी अहत नजर आए. वो इतने आहत थे कि उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का अंतिम सत्र चल रहा है. इतना ही नहीं सतीश महाना ने दोबारा जोर देकर कहा सियासी जीवन के आखिरी दौर में हूं. यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सपा विधायकों ने चंदा चोर गद्दी छोड़ के नारे लगाए, जिस लेकर काफी हंगामा हुआ. सपा विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बीच तीखी बहस देखने को मिली. सपा नेताओं के नारों और आरोपों पर सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को सदन से पूरे सत्र से निष्कासित कर दिया था. इसके बाद सचिन यादव सहित सपा के कई विधायक धरने पर बैठ गए. विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने मंगलवार की कार्यवाही पर कहा अगर उनसे किसी को तकलीफ हुई हो तो वे क्षमा चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उनके जीवन का आखिरी सत्र चल रहा है.

स्पीकर ने कहा कि मैं पिछले चार साल में जैसे काम कर रहा था कि सदन की तस्वीरे बेहतर हो. मुझे पहले ही इसका पीड़ा है. विपक्ष का काम है मुद्दा उठाना और सरकार का काम है उससे सुनना. उन्होंने कहा कि पहले भी विपक्षी सदस्य बेल में आते थे, लेकिन वो बात कह कर चले गए है. पिछले चार साल में मेरी कोशिश रही है कि विधानसभा के सदन की गरिमा बरकरार रहे. मैंने ये इंगित किया है कि सदन में डॉक्टर, इंजीनियर चुन कर आए. प्रदेश के मुख्यमंत्री का सम्मान करना, ये हम सबका काम है. पार्टी से ऊपर उठ कर सम्मान करना चाहिए, लेकिन कल जो हुआ, उससे दुखी और निराशा हुई. मंगलवार को सदन में सपा विधायकों के हंगामे पर सतीश महाना ने कहा कि कल सदन में जो हुआ, उससे मैं निराश हूं. सदन की कार्यवाही पर उन्होंने कहा कि मुझे मेरे आचरण में कही कमी रही होगी या फिर बाबा साहब अंबेडकर ने जो बात सही थी कि व्यक्ति में दिक्कत होती है. सतीश महाना ने कहा लंबी राजनीति पारी रही है, मैं अब अपने सियासी जीवन के अंतिम चरण में हूं. इस तरह से उन्होंने अपने सियासी जीवन का अंतिम सत्र बताया. इतना ही नहीं सतीश महाना ने दोबारा जोर देकर कहा सियासी जीवन के आखिरी दौर में हूं. मेरी अपील है की पार्टी से ऊपर उठ कर विचार रखें और समझें कि आने वाले पीढ़ी को हम क्या दे रहे हं. सतीश महाना ने कहा कि कल मेरे मना करने के बावजूद सोशल मीडिया पर सदन की कार्यवाही की फोटो खिच कर डाली. वीडियो डालना ये ठीक नहीं है. अखिलेश यादव सीएम थे, दो विधानसभा के सदस्यों ने कपड़े उतार दिए थे, मैंने उसी समय कहा था उस दिन की पूरे 403 सदस्यों का कपड़े उतरे है. मैं अपने बारे में सोचूंगा की मैं इस पोस्ट के लायक हूं या नहीं, जल्द बताऊंगा.

सपा विधायक संग्राम सिंह, सपा विधायक हम सब चाहते थे की देश और दुनिया के सामने खड़ा हो गया है. सबको पता है की देश में क्या चल रहा है. छात्र आज पिट रहे है. आपने विभिन्न बार कहा है क् साढ़े चार साल में विपक्ष ने पूरा सहयोग किया, लेकिन विपक्ष के लिए क्या क्या शब्द इस्तेमाल किए गए, आप जिस व्यवस्था से चुनाव जीत कर आते है, वो अपने आपमें एक नजीर है. संग्राम यादव के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जवाब दिया. सतीश महाना ने कहा, ‘मैंने आपको दो घंटे तक कहता रहा कि मैं आपकी बात को सुनूंगा. मैं हाथ जोड़ रहा था, मेरे द्वारा आपको अवसर दिया गया, मैं बार बार कह रहा था कि ये मत कहिए की अवसर नहीं दिया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बीच में हस्ताक्षेप किया. उन्होंने कहा कि आप (स्पीकर) एक घंटे तक चर्चा करा देते, सारी बातें खत्म हो जाती. इस तरह माता प्रसाद और सतीश महाना के बीच इंटरेस्टिंग बात हुई. इसके बाद फिर सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बात रखी. योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आप (नेता प्रतिपक्ष) निराश मत होइए, ये संसदीय अड़चन नहीं है. वहीं, कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा उर्फ़ मोना ने कहा कि हम लोग का विश्वास है कि आप मजबूत होंगे. विधानसभा में जो भी हुआ सदन की कार्रवाही और लोकतंत्र का हिस्सा है. सदन से सचिन यादव को आपने निष्कासित किया. ये आप का अधिकार है. हम राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर सदन में चर्चा चाहते हैं

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