ब्रिक्स समिट को देखते हुए 4 दिन दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट

Fourth Pillar Live

नई दिल्ली डेस्क : 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने जा रहा है, जिसमें ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा लेंगे. इससे पहले 10 सितंबर को द लीला होटल, चाणक्यपुरी में आजतक का ब्रिक्स राउंडटेबल भी आयोजित हो रहा है, जिसमें कई बड़े राजनयिक, कारोबारी और सैन्य अधिकारी हिस्सा लेंगे. इसी बीच दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट के चलते 10 से 14 सितंबर तक यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं और 11 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी रहेगी. आइए पूरी जानकारी विस्तार से समझते हैं आते हैं. इसी बीच दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट के चलते 10 से 14 सितंबर तक यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं और 11 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी रहेगी. आइए पूरी जानकारी विस्तार से समझते हैं. विदेश मंत्रालय ने ब्रिक्स समिट का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है. सम्मेलन में वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, नवाचार, स्थिरता और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. 12 सितंबर को दोपहर 2 बजे से नेताओं का भारत मंडपम के लेवल-2 पर आगमन शुरू होगा और यहां आधिकारिक फोटो शूट भी होगा. इसके बाद 2:35 बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी, जिसका विषय समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना रखा गया है. शाम 4:25 बजे भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी होगी, फिर 5:05 बजे बाहरी लॉन में ग्रुप फोटो और 5:10 बजे संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम होगा. दिन का समापन शाम 7:30 बजे प्रधानमंत्री की ओर से दिए जाने वाले गाला डिनर के साथ होगा.

13 सितंबर को साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे पहुंचेंगे, इसके बाद 10:35 बजे ग्रुप फोटो और 10:50 बजे समिट का ओपन सेशन शुरू होगा. ब्रिक्स समिट से पहले आजतक का राउंडटेबल, ग्लोबल साउथ से AI तक होगी चर्चा. इस बड़े आयोजन से पहले आजतक का ब्रिक्स राउंडटेबल 10 सितंबर को द लीला होटल, चाणक्यपुरी में सुबह 10 बजे से शुरू होगा और देर रात तक चलेगा. इस दौरान करीब पूरे दिन कई अलग अलग सत्र होंगे, जिनमें ग्लोबल साउथ की चुनौतियों, अनिश्चितता के दौर में कारोबारी रणनीति, ब्रिक्स में निवेश के मौके, अफ्रीका की बढ़ती भूमिका, प्रतिबंधित अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय कारोबार, भारत की विदेश नीति, कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर बात होगी. इसमें पूर्व राजनयिक अजय बिसारिया, फिक्की अध्यक्ष अनंत गोयनका, दक्षिण अफ्रीकी उच्चायुक्त अनिल सूकलाल, बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हामिदुल्ला, पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद और रूस के भारत में राजदूत डेनिस अलीपोव समेत कई जाने माने राजनयिक, कारोबारी और सैन्य अधिकारी शामिल होंगे. कार्यक्रम शाम को रूस की बहुध्रुवीय ब्रिक्स को लेकर सोच पर सत्र और उसके बाद डिनर के साथ खत्म होगा. दिल्ली में वीआईपी मूवमेंट के कारण 10 से 14 सितंबर तक खास यातायात व्यवस्था लागू रहेगी और सड़कों पर करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. सम्मेलन के चलते 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कें प्रभावित रहेंगी, जिनमें सरदार पटेल मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, मथुरा रोड, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंबा रोड और टॉल्सटॉय मार्ग जैसी सड़कें शामिल हैं.

इसके अलावा कनॉट प्लेस, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर समेत 22 जगहों पर डायवर्जन रहेगा. मंगलवार शाम मोटरकेड की रिहर्सल के दौरान भी इन्हीं रास्तों पर असर देखा गया था. नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान आने-जाने वालों और द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से धौला कुआं, एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली जाने वालों को खास परेशानी हो सकती है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए कश्मीरी गेट आईएसबीटी, बुलेवार्ड रोड और पंचकुइयां रोड जैसे वैकल्पिक रास्ते सुझाए गए हैं, जबकि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के लिए एम्स, रिंग रोड और आश्रम चौक से जाया जा सकता है. एयरपोर्ट जाने वालों को मेट्रो इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. मेट्रो सेवाएं पूरी तरह सामान्य रहेंगी, लेकिन बस रूट्स में बदलाव हो सकता है. सड़क किनारे पार्किंग सिर्फ तय जगहों पर ही मिलेगी, हालांकि इमरजेंसी और मेडिकल वाहनों को हर हाल में रास्ता दिया जाएगा. शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में 11 सितंबर को छुट्टी घोषित की गई है. सुरक्षा को लेकर भी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के बीच समन्वय बैठक हो चुकी है, जिसमें ड्रोन निगरानी, होटलों की जांच और सीमा पर चेकिंग जैसे मुद्दों पर बात हुई. कुल मिलाकर अगले चार दिन दिल्लीवासियों के लिए व्यस्त रहने वाले हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर चेक कर लें.

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