बाबा रमदेव और बृजभूषण शरण के बीच खत्म हुआ विवाद

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले करीब चार साल से चल रहे विवाद अब खत्म हो चुका है. लंबे समय से पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों को लेकर दोनों पक्षों के बीच चल रही बयानबाजी के बीच बुधवार को दिल्ली में बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह की आमने-सामने मुलाकात हुई. इस मुलाकात में अयोध्या के श्रीरामवल्लभाकुंज के महंत राजकुमार दास की मौजूदगी अहम मानी जा रही है. महंत राजकुमार दास ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता तैयार करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई. उनके प्रयास का उद्देश्य विवाद को और आगे बढ़ाने के बजाय दोनों पक्षों के बीच संवाद, आपसी सम्मान और सौहार्द का वातावरण तैयार करना रहा. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सामने अपनी बात रखी और लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों और भ्रम को दूर करने की कोशिश की. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की धर्म समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास के साथ पूज्य आलोक दास महाराज, चित्रकूट धाम की मध्यस्थता में बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच बातचीत हुई. महंत राजकुमार दास ने फोन पर बातचीत में बताया कि दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान वह स्वयं मौजूद रहे. दोनों पक्षों ने पूरे मामले को लेकर अपना-अपना पक्ष सामने रखा. लंबे समय से जिन बातों को लेकर भ्रम और मतभेद बने हुए थे, उन पर भी बातचीत हुई. महंत राजकुमार दास के मुताबिक बातचीत का उद्देश्य किसी एक पक्ष को सही या गलत साबित करना नहीं था. कोशिश यह थी कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात सुनें और बातचीत के जरिए गलतफहमियों को दूर किया जाए. इसी पहल के बाद बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच आमने-सामने बातचीत का अवसर बना. बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल बना और विवाद को आगे नहीं बढ़ाने की दिशा में पहल हुई. महंत राजकुमार दास ने कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों को संवाद और आपसी सम्मान के जरिए दूर किया जाना चाहिए. उनका प्रयास रहा कि विवाद को और तूल देने के बजाय दोनों पक्ष बैठकर एक-दूसरे की बात सुनें.

उनकी पहल से दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर अपनी बात रखने का मौका मिला. बातचीत में लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर चर्चा हुई और आपसी भ्रम को दूर करने का प्रयास किया गया. मुलाकात के बाद बाबा रामदेव की ओर से भी विवाद को समाप्त करने की बात कही गई. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रामदेव ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के मन में कुछ भ्रांतियां थीं, जो बातचीत के बाद दूर हो गई और मामले का पटाक्षेप हो गया. रामदेव ने पतंजलि के घी और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि पतंजलि का गाय का घी नकली नहीं है और उनकी दवाएं भी नकली नहीं हैं. लंबे समय से पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच दोनों के बीच हुई इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है. बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच मतभेदों की पृष्ठभूमि वर्ष 2022 तक जाती है. उस दौरान पतंजलि के घी और उत्पादों को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे. इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से समय-समय पर बयान सामने आते रहे. पतंजलि के उत्पादों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद धीरे-धीरे सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया और दोनों ओर से बयानबाजी जारी रही. सितंबर 2026 में यह विवाद उस समय फिर चर्चा में आया, जब पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किए जाने की खबर सामने आई. मामले की कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है. वहीं हाल के दिनों में बृजभूषण शरण सिंह की ओर से भी रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर तीखे बयान सामने आए थे. महंत राजकुमार दास का बाबा रामदेव के साथ पहले से धार्मिक और सामाजिक संपर्क रहा है. जनवरी 2026 में बाबा रामदेव के अयोध्या आगमन के दौरान श्रीरामवल्लभाकुंज में महंत राजकुमार दास ने उनका अभिनंदन किया था. ऐसे में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने में महंत राजकुमार दास की भूमिका सामने आई. अयोध्या से शुरू हुई पहल दिल्ली तक पहुंची और दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हुए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *