संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़े स्तर पर फेरबदल

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े एक शिष्य की मौत के बाद अब आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं. केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है. यमुना विहार कुंज बेलवान स्थित आश्रम में जहां दीक्षित भक्तों को दर्शन की व्यवस्था मिल रही थी, वहां भी अब दर्शन बंद कर दिए गए हैं. इन बदलावों की जानकारी आश्रम में सेवा दे रहे सेवादारों की ओर से भक्तों को दी गई है. इस संबंध में जारी सूचना भी सामने आई है. यानी फिलहाल आश्रम पहुंचने वाले भक्तों के लिए पहले जैसी व्यवस्था नहीं रहेगी. सबसे बड़ा बदलाव दीक्षा कार्यक्रम को लेकर हुआ है. केली कुंज आश्रम में दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है. यानी फिलहाल नए भक्तों को दीक्षा देने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. आश्रम में मौजूद सेवादारों ने माइक के जरिए भक्तों को इसकी जानकारी दी. यह रोक कब तक रहेगी, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल इसे अनिश्चितकालीन रोक ही माना जा रहा है. दूसरा बड़ा बदलाव दर्शन व्यवस्था में हुआ है. टोकन के जरिए होने वाले दर्शन को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है.

यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम की दर्शन व्यवस्था के तहत पहुंचते हैं. टोकन व्यवस्था बंद होने का मतलब है कि भक्तों को पहले की तरह टोकन लेकर दर्शन की सुविधा फिलहाल नहीं मिलेगी. बदलाव सिर्फ केली कुंज तक सीमित नहीं है. यमुना विहार कुंज बेलवान वाले आश्रम में दीक्षित भक्तों के दर्शन की जो व्यवस्था चल रही थी, उसे भी बंद कर दिया गया है. यानी एक तरफ केली कुंज में दीक्षा और टोकन दर्शन पर रोक लगी है, तो दूसरी तरफ दीक्षित भक्तों के लिए यमुना विहार कुंज बेलवान में होने वाले दर्शन भी फिलहाल बंद हैं. आश्रम की व्यवस्थाओं में एक और बदलाव देखने को मिला है. सेवा व्यवस्था में लगे सेवादारों की वेशभूषा में भी बदलाव किया गया है. यह बदलाव भी उस वक्त हुआ है, जब आश्रम से जुड़े शिष्य की मौत का मामला चर्चा में है. दरअसल, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण, जिन्हें दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था, की मौत के बाद यह मामला चर्चा में आया. बिल्डिंग से गिरने के बाद रसिक दुलारी की मौत हो गई थी. इसी के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में ये बदलाव किए गए हैं. मौत को लेकर अलग-अलग सवाल भी उठ रहे हैं. मामले में पुलिस जांच कर रही है. जांच में घटनास्थल और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा रहा है. इस पूरे मामले में आश्रम प्रबंधन की ओर से कैमरे के सामने विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आश्रम में सेवा से जुड़े सेवादारों ने जरूर माइक के जरिए भक्तों को नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

यही वजह है कि फिलहाल लोगों के सामने सबसे स्पष्ट जानकारी आश्रम की ओर से जारी बदलावों को लेकर है. अब इन बदलावों का सीधा असर आश्रम पहुंचने वाले भक्तों पर पड़ रहा है. जो लोग दीक्षा लेने की योजना बना रहे थे, उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा. टोकन के जरिए दर्शन करने वाले भक्तों के लिए भी व्यवस्था रोक दी गई है. वहीं दीक्षित भक्तों के लिए यमुना विहार कुंज बेलवान में होने वाले दर्शन भी बंद किए गए हैं. भक्तों को नई व्यवस्था की जानकारी लेकर ही वहां पहुंचना होगा. आगे की व्यवस्था को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है. दीक्षा कब दोबारा शुरू होगी? टोकन दर्शन कब वापस आएंगे? यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन कब से शुरू होंगे? और सेवादारों की बदली हुई वेशभूषा को लेकर आश्रम की विस्तृत वजह क्या है? इन सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं. वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की शुक्रवार सुबह करीब 10:36 बजे मौत हो गई थी. दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे. पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में वह अपार्टमेंट की चौथी मंजिल की छत से नीचे गिरते दिखे थे. पोस्टमार्टम में भी शरीर पर गंभीर चोटों और अत्यधिक खूब बहने की बात सामने आई थी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना से पहले कमरे में क्या हुआ था. इसी के लिए अपार्टमेंट का डीवीआर, मोबाइल और ब्लड सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि मोबाइल से डिलीट फोटो और चैट से भी घटना की वजह तलाशने की कोशिश हो रही है. दूसरी ओर, बृज के साधु-संतों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

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