KGMU में हार्ट मरीजों को लगा दिए 5-5 स्टेंट, जांच के आदेश

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : राजधानी लखनऊ के केजीएमयू में मरीजों को 5-5 स्टेंट लगाए जाने के मामले सामने आए जिसमें एक दर्जन से ऊपर मरीजों को यह स्टंट लगाए गए. इस पूरे मामले पर आयुष्मान भारत योजना में संभावित गड़बड़ी की आशंका के बीच जांच तेज कर दी गई है. केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में स्टेंट लगाने से जुड़े मामलों की जांच कर रही पांच सदस्यीय समिति ने विभाग से पिछले एक साल के एंजियोप्लास्टी और स्टेंट प्रत्यारोपण का पूरा रिकॉर्ड मांगा है. जांच में सामने आया है कि कई मरीजों को बार-बार भर्ती कर एक से अधिक बार स्टेंट लगाए गए. वहीं मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और उपचार संबंधी दस्तावेजों में भी गंभीर खामियां मिली हैं, क्योंकि आयुष्मान कार्ड के जरिए उनको स्टंट लगाए गए और भुगतान हुआ.

समिति अब आयुष्मान भारत समेत सरकारी योजनाओं के तहत हुए इलाज, स्टेंट लगाने के नियम, बजट और प्रक्रिया की भी पड़ताल करेगी. रिकॉर्ड मिलने के बाद मरीजों की फाइलों, एंजियोग्राफी रिपोर्ट और एंजियोप्लास्टी दस्तावेजों की गहन जांच होगी. फिलहाल करीब 15 ऐसे मरीजों के मामले सामने आए हैं, जिन्हें पांच-पांच स्टेंट लगाए गए थे. जरूरत पड़ने पर बाहरी हृदय रोग विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी. जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या इतने स्टेंट लगाना चिकित्सकीय रूप से जरूरी था और क्या इलाज तय मानकों के अनुरूप किया गया. KGMU के प्रवक्ता के के सिंह के मुताबिक 5-5 स्टंट लगाए जाने के मामले सामने आए जिसमें भुगतान भी किया गया अब आयुष्मान कार्ड और मरीजों की डाटा को मैच करने के बाद इसको आईडेंटिफाई किया जा रहा है कि एक मरीज को पांच-पांच स्टंट कैसे लगा दिए गए.

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