यूपी STF ने SSC परीक्षा के हैकर को किया अरेस्ट

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की GD कांस्टेबल ऑनलाइन परीक्षा में धांधली और नकल कराने के मामले में यूपी STF ने एक बड़े सॉल्वर गैंग के मुख्य हैकर को दबोच लिया है. जांच और आरोपी से पूछताछ में नकल कराने के चार तरीकों का खुलासा हुआ है. STF की टीम ने 22 सितंबर 2026 को दिल्ली के शाहाबाद डेयरी के बेगमपुर इलाके से वॉन्टेड हैकर अरुण कुमार यादव उर्फ ‘Devil’ को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हाई-टेक और इलेक्ट्रॉनिक टूल्स भी बरामद किए हैं. इनमें 12 TFT स्क्रीन, 2 लैपटॉप, 11 Raspberry Pi डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर कार्ड, 8 VGA स्विच, हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर, कई एडेप्टर, डोंगल और एक्सिटेल ब्रॉडबैंड डिवाइस शामिल हैं. इस गैंग की गिरफ्तारी के साथ ही SSC GD परीक्षा धांधली मामले में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या अब 12 हो गई है. शुरुआती पूछताछ में आरोपी अरुण उर्फ ‘Devil’ ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि उसने कंप्यूटर फंडामेंटल का कोर्स किया था, जिसके बाद वह साल 2019 में ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली करने वाले लोगों के संपर्क में आया. धीरे-धीरे उसने सर्वर हैकिंग और मॉडिफाइड TFT स्क्रीन तैयार करने के तरीके सीख लिए. इस बार SSC GD परीक्षा में धांधली के लिए वो मुख्य हैकर अमित राणा के संपर्क में आया था. दोनों ने मिलकर परीक्षा सर्वर की अहम फाइलों में बदलाव किए और प्रॉक्सी सर्वर से क्लाइंट को जोड़ने वाली खास स्क्रिप्ट तैयार की. इसके जरिए परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सिस्टम को बाहर से ही कंट्रोल कर धड़ल्ले से नकल कराई जाती थी. यूपी पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत ये बड़ी कार्रवाई की गई है. गौतमबुद्धनगर के नॉलेज पार्क थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. अब STF इस पूरे सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है. एडीजी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने ऑनलाइन परीक्षाओं को पास कराने के चार तरीके अपनाए जाने का खुलासा किया है.

1. प्रॉक्सी सर्वर लगाकर एग्जाम नेटवर्क को पूरी तरह बाईपास करना.
2. सीधे परीक्षा सर्वर को हैक करना.
3. रास्पबेरी पाई डिवाइस का इस्तेमाल करके मॉडिफाइड टीएफटी की स्क्रीन को लाइव स्ट्रीम करना.
4. सॉफ्टवेयर और लिंक के जरिए से किसी दूसरे व्यक्ति (सॉल्वर) से कंप्यूटर स्क्रीन शेयर करवाकर पेपर हल कराना.
जांच में ये भी सामने आया कि ये शातिर हैकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, झारखंड और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों तक अपना नेटवर्क फैला चुका था. साल 2024 में सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान पकड़े गए एक गैंग में भी ‘डेविल’ वॉन्टेड चल रहा था, तब पुलिस उसकी असली पहचान नहीं जान पाई थी.

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