लखनऊ में स्टंट का खेल, 100 की रफ्तार और खत्म हो गई जिंदगी

Fourth Pillar Live

यूपी डेस्क: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में रविवार सुबह बाइक (बुलेट) से स्टंट कर रहा पॉवर कॉर्पोरेशन के एसडीओ का बेटा स्कूटी से टकरा गया. इसके बाद डिवाइडर से जा भिड़ा. इस भीषण हादसे में उसकी मौत हो गई. वहीं, उसका भाई और स्कूटी सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मूलरूप से बाराबंकी के कोठी सरायमीर के रहने वाले एसडीओ राम इकबाल नोएडा में तैनात हैं. उनका बेटा नैतिक (17) भाई पारस और मां के साथ गोमतीनगर विस्तार के विशेष खंड में रहता था. रविवार सुबह नैतिक बाइक से भाई पारस के साथ जनेश्वर मिश्र पार्क के सामने 100 से अधिक रफ्तार में बाइक दौड़ा रहा था. तभी वह पार्क के गेट नंबर पांच के सामने एक पहिये के बल पर स्टंट करने लगा और सामने से आ रही स्कूटी से टकरा गया.

टक्कर इतनी तेज थी कि नैतिक की बाइक अनियंत्रित हो गई और करीब दस मीटर तक वह भाई के साथ घिसटते हुए सड़क किनारे डिवाइडर से जा भिड़ा. हेलमेट नहीं पहनने के कारण नैतिक का सिर डिवाइडर से टकराकर फट गया. वहीं, पारस और स्कूटी सवार आदित्य श्रीवास्तव व कृष्ण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना से अफरा-तफरी मच गई. लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने चारों को अस्पताल पहुंचाया. वहां नैतिक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. वहीं, तीन अन्य घायलों की हालत गंभीर देख उन्हें भर्ती कर लिया गया. पूरी घटना नैतिक के साथ स्पोर्ट बाइक से स्टंट कर रहे साथी के हेलमेट पर लगे कैम रिकॉर्डर में कैद हो गई थी. हादसे में वह भिड़ते हुए बचा था. वहीं नैतिक की बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी.

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार सुधीर अवस्थी ने ‘आज तक’ को बताया कि मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है. फिलहाल घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है. जांच में पता चला है कि जिस बुलेट से हादसा हुआ उस पर नंबर प्लेट नहीं थी जिससे अंदेशा है कि बाइक हाल ही में की गई थी. पुलिस के मुताबिक, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 18 साल के कम उम्र के नाबालिग को गियर वाली बाइक चलाने की अनुमति नहीं है. 16 से 18 वर्ष के किशोर केवल 50 सीसी तक के बिना गियर वाले वाहन ही चला सकते हैं, वह भी लाइसेंस के साथ. नाबालिग के हाथ में वाहन देने पर अभिवाहक को 25 हजार का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. नैतिक के पास मिले मोबाइल से पुलिस ने घटना की जानकारी उसके घरवालों को दी. पुलिस के कहने के बावजूद पोस्टमॉर्टम के लिए मना करते हुए घरवाले नैतिक का शव लेकर शाम को बाराबंकी गांव चले गए. वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

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